How to make homemade natural shampoo: शिकाकाई आमला और रीठा से शैम्पू कैसे बनायें ?

शिकाकाई और रीठा के फायदे और शिकाकाई आमला और रीठा से शैम्पू कैसे बनायें ।

बाजार में मिलने वाले रासायनिक शैम्पू, जिनका लंबे इस्तेमाल से हमारे बालों को नुक्सान पहुँचता है, उस से अच्छा और लाभदायक है - शिकाई और रीठा ।

अगर किसी भी पुराने नुस्खे को देखें  ३ चीज़ों का इस्तेमाल होता है - शिकाकाई, आमला और रीठा । यह सुन्दर स्वस्थ और लंबे बालों के लिए बहुत लाभदायक हैं । इनसे शैम्पू बनाने से पहले हम इनके फायदे के बारे में जानते हैं। 

आमला के फायदे -

आमला में एक आवश्यक फैटी एसिड होता है जो बालों को पोषण और mousturize रखने  में बहुत मदद करता है।  यह बालों का सूखापन और सिकरी को ख़तम करने में बहुत सक्षम है। 

आमला में ऐसे प्रोटीन और विटामिन होते हैं जो बालों को झड़ने से रोकता है और  बालों को लंबा करने में मदद करता है। 

आमला में antioxidant गुण होते हैं जो बालों की जड़ों को  मजबूत  करते हैं। यह एक अच्छा  कंडीशनर भी होता है, जिससे बालों में चमक आती है। 

रीठा के फायदे -

रीठा एक बहुत प्रभावशाली cleansing  एजेंट होता है, जो सर में सूक्ष्मजीवो के कारण होने वाले infection को रोकता है। यह बाजार में मिलने वाले cleansing एजेंट्स  की तरह बिलकुल जलन नहीं करता है।

रीठा बालों में चमक लाता है और बालों की  प्राकृतिक बनावट को बनाये रखने में मदद करता है। 
रीठा के नियमित इस्तेमाल से सर में होने वाली सिकरी से छुटकारा मिलता है। 



 
शिकाकाई के फायदे -
 
जैसे शरीर के लिया फल होता है, वैसे बालों के  शिकाकाई होता है. शिकाकाई के कम ph value की वजह यह एक हलके घटक होता है, जो बालों के कुदरती तेलों को बरक़रार रखने में मदद करता है। 
यह बालों का झड़ने को कम करता है और बालों को पोषण देता है, जिससे बाल मजबूत और चमकदार बनते हैं। 
 
आमला, रीठा और शिकाकाई से शैम्पू कैसे बनायें ?
 
500 मिलीलीटर में, 5-6 रीठा फली, शिकाकाई के 6-7 टुकड़े और कुछ अमला के फल रात भर रखें।

अगली सुबह मिश्रण को गरम करें और जैसे ही मिश्रण उबलने लगे,आंच  बंद कर दें।

मिश्रण के ठंडा होने का इंतज़ार करें, और फिर उसे अच्छे से घोट लें (आप मिक्सी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं )
 
आप देखेंगे की मिश्रण में काफी झाग  बन गयी है. यह तब होता है जब आपके शैम्पू ने आमला  शिकाकाई  और रीठा की अच्छाई हासिल कर ली है।

इस मिश्रण को अच्छे से छान लें और उसे शैम्पू की  तरह उपयोग करें। 


तुरंत दिखने वाले परिणाम -

जब आप इस शैम्पू का इस्तेमाल करते हैं, आपके बालों का झड़ना एक दम से कम जाता है ।  बालों में अतिरिक्त तेल और गन्दगी ख़तम हो जाती है, जिससे आपके बाल लहराते हुए और मोटे दीखते हैं।
बालों में एक नयी जान आ जाती है और चमक भी आ जाती है। 



 

Help others around you: बच्चो को अपना भगवान मील जाए

Help others around you. There are many people around you who do not need your money but they just need your support. Talk to them, show them you care for them. They need an ear to listen to their issues. Here is a short story of a small child who is looking for support.


एक पाँच - छे साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर मंदिर के एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा था.
कपड़े में मेल लगा हुआ था मगर निहायत साफ, उसके नन्हे नन्हे से गाल आँसूओं से भीग चुके थे।
बहुत लोग उसकी तरफ आकर्षित थे और वह बिल्कुल अनजान अपने भगवान से बातों में लगा हुआ था।
जैसे ही वह उठा एक अजनबी ने बढ़ के उसका नन्हा सा हाथ पकड़ा और पूछा-
"क्या मांगा भगवान से"
उसने कहा-
"मेरे पापा मर गए हैं उनके लिए स्वर्ग,
मेरी माँ रोती रहती है उनके लिए सब्र,
मेरी बहन माँ से कपडे सामान मांगती है उसके लिए पैसे"।
"तुम स्कूल जाते हो"
अजनबी का सवाल स्वाभाविक सा सवाल था।
"हां जाता हूं" उसने कहा।
"किस क्लास में पढ़ते हो ?" अजनबी ने पूछा
"नहीं अंकल पढ़ने नहीं जाता, मां चने बना देती है वह स्कूल के बच्चों को बेचता हूँ, बहुत सारे बच्चे मुझसे चने खरीदते हैं, हमारा यही काम धंधा है" बच्चे का एक एक शब्द मेरी रूह में उतर रहा था ।
"तुम्हारा कोई रिश्तेदार"
न चाहते हुए भी अजनबी बच्चे से पूछ बैठा।
"पता नहीं, माँ कहती है गरीब का कोई रिश्तेदार नहीं होता,
माँ झूठ नहीं बोलती,
पर अंकल,
मुझे लगता है मेरी माँ कभी कभी झूठ बोलती है,
जब हम खाना खाते हैं हमें देखती रहती है,
जब कहता हूँ
माँ तुम भी खाओ, तो कहती है मेंने खा लिया था, उस समय लगता है झूठ बोलती है "
"बेटा अगर तुम्हारे घर का खर्च मिल जाय तो पढाई करोगे ?"
"बिल्कुलु नहीं"
"क्यों"
"पढ़ाई करने वाले गरीबों से नफरत करते हैं अंकल,
हमें किसी पढ़े हुए ने कभी नहीं पूछा - पास से गुजर जाते हैं"
अजनबी हैरान भी था और शर्मिंदा भी।
फिर उसने कहा
" हर दिन इसी इस मंदिर में आता हूँ, कभी किसी ने नहीं पूछा - यहा सब आने वाले मेरे पिताजी को जानते थे - मगर हमें कोई नहीं जानता
"बच्चा जोर-जोर से रोने लगा" अंकल जब बाप मर जाता है तो सब अजनबी क्यों हो जाते हैं ?"
मेरे पास इसका कोई जवाब नही था और ना ही मेरे पास बच्चे के सवाल का जवाब है।
ऐसे कितने मासूम होंगे जो हसरतों से घायल हैं
बस एक कोशिश कीजिये और अपने आसपास ऐसे ज़रूरतमंद यतिमो, बेसहाराओ को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए......................... मंदिर मे सीमेंट या अन्न की बोरी देने से पहले अपने आस - पास किसी गरीब को देख लेना शायद उसको आटे की बोरी की ज्यादा जरुरत हो।
कहि एसे बच्चो को अपना भगवान मील जाए |
कुछ समय के लिए एक गरिब बेसहारा कि आँख मे आँख डालकर देखे आपको क्या मेहसूस होता है.



 

Step into other peoples' shoes: खुद तकलीफ का स्वाद चखे

Many time you must have heard that - Step into other peoples' shoes to know how they feel. In life, before commenting or giving advices to people we must think and experience, how other people feel in the situation. It's easy to comment or give advices without feeling what other people feel. Here is a short story in Hindi, which teaches us the same thing.



एक बादशाह अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था । उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था ।
कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था । वह उछल-कूद कर रहा था और किसी को चैन से नहीं बैठने दे रहा था ।
मल्लाह उसकी उछल-कूद से परेशान था कि ऐसी स्थिति में यात्रियों की हड़बड़ाहट से नाव डूब जाएगी । वह भी डूबेगा और दूसरों को भी ले डूबेगा । परन्तु कुत्ता अपने स्वभाव के कारण उछल-कूद में लगा था । ऐसी स्थिति देखकर बादशाह भी गुस्से में था । पर, कुत्ते को सुधारने का कोई उपाय उन्हें समझ में नहीं आ रहा था ।
नाव में बैठे दार्शनिक से रहा नहीं गया । वह बादशाह के पास गया और बोला - "सरकार ! अगर आप इजाजत दें तो मैं इस कुत्ते को भीगी बिल्ली बना सकता हूँ ।" बादशाह ने तत्काल अनुमति दे दी । दार्शनिक ने दो यात्रियों का सहारा लिया और उस कुत्ते को नाव से उठाकर नदी में फेंक दिया । कुत्ता तैरता हुआ नाव के खूंटे को पकड़ने लगा । उसको अब अपनी जान के लाले पड़ रहे थे । कुछ देर बाद दार्शनिक ने उसे खींचकर नाव में चढ़ा लिया ।
वह कुत्ता चुपके से जाकर एक कोने में बैठ गया । नाव के यात्रियों के साथ बादशाह को भी उस कुत्ते के बदले व्यवहार पर बड़ा आश्चर्य हुआ । बादशाह ने दार्शनिक से पूछा - "यह पहले तो उछल-कूद और हरकतें कर रहा था, अब देखो कैसे यह पालतू बकरी की तरह बैठा है ?"
दार्शनिक बोला -
"खुद तकलीफ का स्वाद चखे बिना किसी को दूसरे की विपत्ति का अहसास नहीं होता है । इस कुत्ते को जब मैंने पानी में फेंक दिया तो इसे पानी की ताकत और नाव की उपयोगिता समझ में आ गयी ।"





 

Amazing healing benefits of Ginger



For over 5,000 years ginger was revered as the universal medicine by the ancient ancestors of China and India and highly sought after by spice traders.Ginger plant was first discovered in Southeast Asia and is used as a spice and Asian cuisines however it's healing properties did not go un-noticed in China and in India.

Ginger is used today to cure various diseases in health problems. Ginger is a good source of magnesium, potassium, copper and vitamin b6 . Ginger has powerful antioxidant capabilities ginger and has been used as a natural remedy for many elements for centuries now.

Science is finally catching up and researchers around the world are finding that ginger works wonders in treatment of various illnesses and conditions, so let's go over some of those treatments now. Here is the list of health benefits of ginger.


Ginger relieve nausea probably the most widely known health benefits of ginger is its ability to relieve nausea. In addition to helping relieve the symptoms of nausea from a common stomach bug or flu ginger can be used to come back nausea and vomiting from chemotherapy it also prevents morning sickness during pregnancy. Some studies have suggested that a safe and effective dose of pregnancy-related nausea is one gram of ginger per day, taking no longer than four days once ingested you should feel the nausea subsides after 30 minutes to arthritis studies of people with osteoarthritis have shown ginger to have we leave inflammation and pain without the side effects of many anti-inflammatory drugs ginger is effective for treating arthritis conditions like joint inflammation and pain because it contains the following properties - it is an anti-inflammatory agent that helps reducing joint inflammations with this warming effect a conference ensues aching joints, it contains important antioxidants that clears the joints of all impurities and allows fresh blood to flow into the a key areas and lastly it improves flexibility and movement of muscles and bones.

A study conducted in sweetness Stockholm university that consisted of 250 patients who were suffering from either moderate or acute conditions of osteoarthritis. These patients were fed with pills containing ginger extracts and out of 250 patients 220 were left with no or very less pain.

From digestive issues it helps neutralize acids and stimulate secretions of digestive juices to improve digestion. Ginger stimulates digestion by speeding up the movement of food from the stomach into the upper small intestine. For immediate relief from any digestion disordered drink one cup of ginger tea or six ounces of ginger beer can. Before you get excited, ginger beer is a non-alcoholic drink that is three times stronger than ginger tea for reduced respiratory problems

Ginger helps in combating various respiratory problems such as cold cost lose asthma and shortness of breath. Ginger is also effective in removing mucus from the throat and lungs and fight motion sickness . When it comes to motion sickness, ginger is a natural preventive with no side effects. The travel industry is using ginger more and more to combat nausea caused by motion sickness especially those who go on cruises. To prevent motion sickness drink a cup of ginger tea or take three to four capsules of ginger before car or cruise trip.

Prevents migraines 

It's been noted that ginger reduces the frequency as well as the strength of headaches. Ginger is an anti-inflammatory, it doesn't allow the blood vessels to become inflamed and this is what eliminates or greatly reduces the headache. It's important to take ginger as soon as you feel a headache coming on as this will prevent headache from turning into a migraine. Take two to three capsules of powder ginger or eat several slices of fresh ginger, you can also mix it with your food. This will help prevent a migraine from fully developing, if taking at the first sign of a migraine symptom.

Prevent blood clots

Numerous studies have suggested that ginger may have an effect that is similar to that of aspirin but unlike aspirin ginger has a calming effect on your stomach. Ginger interferes with a long sequence of events necessary for black clots to form, this helps to prevent clots that can lodge and narrow coronary arteries thus reducing the chances of heart attack.

For many people ginger tea works to boost immune system during the cold and flu season. however if you do contract the cold or the flu I have found that warm ginger tea helps heal the body better than any over-the-counter medication. Ginger tea is safe and easy to prepare and good to have on a long winter day.

Here is my special ginger tea recipe for colds and flu, you'll find that this not only gives release but also works on stimulating your immune system as it warms you up. First fill up your tea kettle with pure water and get it boiling, next cut two pieces of fresh ginger root about the size of a quarter, next take a thermos and put the fresh ginger into the thermos and add 4 tablespoons of fresh lemon juice and put that into the thermos. Now add 3 to 4 tablespoons of raw honey, when your water is boiled, pour it into the thermos, cover it up and let it sit for 20 minutes. After 20 minutes, strain it into a teacup and enjoy the sip of your tea.


 

Health benefits of Garlic in Hindi: लहसुन एक औषधी


लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर के लिए एक औषधी की तरह भी काम करता है।इसमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व सी भी पाए जाते हैं। लहसुन शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। भोजन में किसी भी तरह इसका सेवन करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है आज हम बताने जा रहे हैं आपको औषधिय गुण से भरपूर लहसुन के कुछ ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो नीचे लिखी स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण है।


1-- 100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा चम्मच) अजवाइन के दाने और आठ-दस लहसुन की कुली डालकर धीमी-धीमी आंच पर पकाएं। जब लहसुन और अजवाइन काली हो जाए तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें और बोतल में भर दें। इस तेल को गुनगुना कर इसकी मालिश करने से हर प्रकार का बदन का दर्द दूर हो जाता है।



2-- लहसुन की एक कली छीलकर सुबह एक गिलास पानी से निगल लेने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है।साथ ही ब्लडप्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।


3-- लहसुन डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में कारगर साबित होता है।


4-- खांसी और टीबी में लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन के रस की कुछ बूंदे रुई पर डालकर सूंघने से सर्दी ठीक हो जाती है।


5-- लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता है। 30 मिली लीटर दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से दमे में शुरुआती अवस्था में काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।


6-- लहसुन की दो कलियों को पीसकर उसमें और एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर क्रीम बना ले इसे सिर्फ मुहांसों पर लगाएं। मुहांसे साफ हो जाएंगे।


7-- लहसुन की दो कलियां पीसकर एक गिलास दूध में उबाल लें और ठंडा करके सुबह शाम कुछ दिन पीएं दिल से संबंधित बीमारियों में आराम मिलता है।


8-- लहसुन के नियमित सेवन से पेट और भोजन की नली का कैंसर और स्तन कैंसर की सम्भावना कम हो जाती है।


9-- नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर नियमित रहता है। एसीडिटी और गैस्टिक ट्रबल में भी इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। दिल की बीमारियों के साथ यह तनाव को भी नियंत्रित करती है।


10-- लहसुन की 5 कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और उसमें 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह -शाम सेवन करें। इस उपाय को करने से सफेद बाल काले हो जाएंगे।


11- यदि रोज नियमित रूप से लहसुन की पाँच कलियाँ खाई जाएँ तो हृदय संबंधी रोग होने की संभावना में कमी आती है। इसको पीसकर त्वचा पर लेप करने से विषैले कीड़ों के काटने या डंक मारने से होने वाली जलन कम हो जाती है।


12- जुकाम और सर्दी में तो यह रामबाण की तरह काम करता है। पाँच साल तक के बच्चों में होने वाले प्रॉयमरी कॉम्प्लेक्स में यह बहुत फायदा करता है। लहसुन को दूध में उबालकर पिलाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लहसुन की कलियों को आग में भून कर खिलाने से बच्चों की साँस चलने की तकलीफ पर काफी काबू पाया जा सकता है।

13- लहसुन गठिया और अन्य जोड़ों के रोग में भी लहसुन का सेवन बहुत ही लाभदायक है।

लहसुन की बदबू-

अगर आपको लहसुन की गंध पसंद नहीं है कारण मुंह से बदबू आती है। मगर लहसुन खाना भी जरूरी है तो रोजमर्रा के लिये आप लहसुन को छीलकर या पीसकर दही में मिलाकर खाये तो आपके मुंह से बदबू नहीं आयेगी। लहसुन खाने के बाद इसकी बदबू से बचना है तो जरा सा गुड़ और सूखा धनिया मिलाकर मुंह में डालकर चूसें कुछ देर तक, बदबू बिल्कुल निकल जायेगी।


via - Acharya Bal Krishna



 

मैं ही कृष्ण मैं ही कंस हूँ : Motivational Story in Hindi

*मैं ही कृष्ण मैं ही कंस हूँ ।*

अवश्य पढें ।

दिल को छू लेने वाली कहानी है ।




एक चित्रकार था, जो अद्धभुत चित्र बनाता था।
लोग उसकी चित्रकारी की काफी तारीफ़ करते थे।
एक दिन कृष्ण मंदिर के भक्तों ने उनसे कृष्ण और कंस का एक चित्र बनाने की इच्छा प्रगट की।
चित्रकार इसके लिये तैयार हो गया आखिर भगवान् का काम था, पर
उसने कुछ शर्ते रखी।
उसने कहा मुझे योग्य पात्र चाहिए, अगर वे मिल जाए तो में आसानी से चित्र बना दूंगा।
कृष्ण के चित्र लिए एक योग्य नटखट बालक और कंस के लिए एक क्रूर भाव वाला व्यक्ति लाकर दें तब मैं चित्र बनाकर दूंगा।
कृष्ण मंदिर के भक्त एक बालक ले आये, बालक सुन्दर था।
चित्रकार ने उसे पसंद किया और उस बालक को सामने रख बालकृष्ण का एक सुंदर चित्र बनाया।
अब बारी कंस की थी पर क्रूर भाव वाले व्यक्ति को ढूंढना थोडा मुस्किल था।
जो व्यक्ति कृष्ण मंदिर वालो को पसंद आता वो चित्रकार को पसंद नहीं आता उसे वो भाव मिल नहीं रहे
थे...
वक्त गुजरता गया।
आखिरकार थक-हार कर सालों बाद वो अब जेल में चित्रकार को ले
गए, जहा उम्रकैद काट रहे अपराधी थे।
उन अपराधियों में से एक को चित्रकार ने पसंद किया और उसे सामने रखकर उसने कंस का एक चित्र बनाया।
कृष्ण और कंस की वो तस्वीर आज
सालों के बाद पूर्णं हुई।
कृष्ण मंदिर के भक्त वो तस्वीरें देखकर मंत्रमुग्ध हो गए।
उस अपराधी ने भी वह तस्वीरें देखने की इच्छा व्यक्त की।
उस अपराधी ने जब वो तस्वीरे देखीं
तो वो फूट-फूटकर रोने लगा।
सभी ये देख अचंभित हो गए।
चित्रकार ने उससे इसका कारण बड़े प्यार से पूछा।
तब वह अपराधी बोला *"शायद आपने मुझे पहचाना नहीं, मैं वो ही बच्चा हूँ जिसे सालों पहले आपने बालकृष्ण के चित्र के लिए पसंद किया था।*

मेरे कुकर्मो से आज मैं कंस बन गया, इस तस्वीर में मैं ही कृष्ण और मैं ही कंस हूँ ।

*हमारे कर्म ही हमें अच्छा*
*और बुरा इंसान बनाते है*


Love the God unconditionally: ईश्वर से प्रेम करो : Motivational story in Hindi

Love the God, unconditionally and without question and God will give you back his love.
Here is a short motivational story in Hindi.

ईश्वर से प्रेम करो। अगर तुम ईश्वर से प्रेम करोगे तो तुम्हे ईश्वर से माँगना नहीं पड़ेगा, ईश्वर स्वयं तुम्हे देंगे।

एक दिन नारद जी भगवान के लोक को जा रहे थे। रास्ते में एक संतानहीन दुखी मनुष्य मिला। उसने कहा- नारद जी मुझे आशीर्वाद दे दो तो मेरे सन्तान हो जाय।

नारद जी ने कहा- भगवान के पास जा रहा हूँ। उनकी जैसी इच्छा होगी लौटते हुए बताऊँगा।




नारद ने भगवान से उस संतानहीन व्यक्ति की बात पूछी तो उनने उत्तर दिया कि उसके पूर्व कर्म ऐसे हैं कि अभी सात जन्म उसके सन्तान और भी नहीं होगी।

नारद जी चुप हो गये।

इतने में एक दूसरे महात्मा उधर से निकले, उस व्यक्ति ने उनसे भी प्रार्थना की उनने आशीर्वाद दिया और दसवें महीने उसके पुत्र उत्पन्न हो गया।

एक दो साल बाद जब नारद जी उधर से लौटे तो उनने कहा- भगवान ने कहा है- तुम्हारे अभी सात जन्म संतान होने का योग नहीं है।

इस पर वह व्यक्ति हँस पड़ा।
उसने अपने पुत्र को बुलाकर नारद जी के चरणों में डाला और कहा-
एक महात्मा के आशीर्वाद से यह पुत्र उत्पन्न हुआ है।

नारद को भगवान पर बड़ा क्रोध आया कि व्यर्थ ही वे झूठ बोले।
मुझे आशीर्वाद देने की आज्ञा कर देते तो मेरी प्रशंसा हो जाती सो तो किया नहीं, उलटे मुझे झूठा और उस दूसरे महात्मा से भी तुच्छ सिद्ध कराया।

नारद कुपित होते हुए विष्णु लोक में पहुँचे और कटु शब्दों में भगवान की भर्त्सना की। भगवान ने नारद को सान्त्वना दी और इसका उत्तर कुछ दिन में देने का वायदा किया। नारद वहीं ठहर गये।

एक दिन भगवान ने कहा- नारद लक्ष्मी बीमार हैं- उसकी दवा के लिए किसी भक्त का कलेजा चाहिए। तुम जाकर माँग लाओ।

नारद कटोरा लिये जगह- जगह घूमते फिरे पर किसी ने न दिया। अन्त में उस महात्मा के पास पहुँचे जिसके आशीर्वाद से पुत्र उत्पन्न हुआ था। उसने भगवान की आवश्यकता सुनते ही तुरन्त अपना कलेजा निकालकर दे किया। नारद ने उसे ले जाकर भगवान के सामने रख दिया।

भगवान ने उत्तर दिया-
नारद !
यही तुम्हारे प्रश्न का उत्तर है।
जो भक्त मेरे लिए कलेजा दे सकता है उसके लिए मैं भी अपना विधान बदल सकता हूँ। तुम्हारी अपेक्षा उसे श्रेय देने का भी क्या कारण है सो तुम समझो।

जब कलेजे की जरूरत पड़ी तब तुमसे यह न बन पड़ा कि अपना ही कलेजा निकाल कर दे देते। तुम भी तो भक्त थे। तुम दूसरों से माँगते फिरे और उसने बिना आगा पीछे सोचे तुरन्त अपना कलेजा दे दिया।

त्याग और प्रेम के आधार पर ही मैं अपने भक्तों पर कृपा करता हूँ और उसी अनुपात से उन्हें श्रेय देता हूँ। नारद चुपचाप सुनते रहे।
उनका क्रोध शान्त हो गया और लज्जा से सिर झुका लिया।

यदि आप धर्म करोगे तो आपको ईश्वर से मांगना ही पड़ेगा...
लेकिन यदि आप कर्म करोगे तो ईश्वर को,
आपको देना ही पड़ेगा.